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#आर्यभट्ट: एक ऐसा #मस्तिष्क, जिसने #समय और #शून्य को अपनी #उंगलियों पर नचाया....।
PART - 1 "कल्पना कीजिए, आज से 1500 साल पहले का वह सन्नाटा... जब दुनिया को यह तक नहीं पता था कि जिस जमीन पर वो खड़े हैं, वह गोल है या चपटी। उस दौर में, कुसुमपुर (पटना) की गलियों में एक 23 साल का युवक मिट्टी पर अंगुलियों से कुछ ऐसी लकीरें खींच रहा था, जो आने वाले सहस्राब्दियों तक आधुनिक विज्ञान का आधार बनने वाली थीं। वह कोई साधारण ज्योतिषी नहीं, बल्कि ब्रह्मांड का वह डिकोडर था जिसने काल की गति को अपनी मुट्ठी में कैद कर लिया था। आइए, आज उनके जन्मदिन पर उस महामानव 'आर्यभट्ट' के मस
kcptokyomarathon20
Apr 1511 min read


कैसे एक लचीली 'यूनिफॉर्म' समय के साथ पत्थर की 'लकीर' बन गई।
Written and shared by Mr. Manish Shukla एक राजा थे #विश्वामित्र जो #ऋषि बन गए, और एक सूतपुत्र थे #कर्ण जो दुनिया का सर्वश्रेष्ठ #धनुर्धर बने इन दोनों के बीच खड़ी थी एक बदलती हुई सामाजिक व्यवस्था। क्या वर्ण सच में 'ईश्वर' की देन है, वेद ने जाति बनाई, मनुस्मृति ने जाति बनाई या जाति थी बढ़ती हुई आबादी और प्रशासनिक मजबूरियों का एक 'शॉर्टकट'? आइए, जानते हैं कि कैसे एक लचीली 'यूनिफॉर्म' समय के साथ पत्थर की 'लकीर' बन गई। क्या कोई वर्दी किसी इंसान का चरित्र तय कर सकती है, या उसका चरित्
kcptokyomarathon20
Apr 96 min read
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