top of page
Search


#मनुस्मृति और #विज्ञान.... किसान एक 'अन्नदाता' - असल में चलता-फिरता 'वेद
Written and shared by Mr. Manish Shukla. #मनुस्मृति और #विज्ञान.... .क्या आपने कभी सोचा है कि जिसे हम केवल एक 'अन्नदाता' समझते हैं, वह असल में चलता-फिरता 'वेद' है? समाज ने जिसे हल चलाते देखा, दरअसल वह मिट्टी की कोख से जीवन का दर्शन (Philosophy) लिख रहा था। एक किसान सिर्फ बीज नहीं बोता, वह एक साथ चार जन्म जीता है। वह एक ही शरीर में चारों वर्णों के अस्तित्व को समेटे हुए है। यहाँ किसान केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि सृष्टि के संतुलन का एक 'मेटाफिजिकल' (Metaphysical) केंद्र बिंदु
kcptokyomarathon20
Apr 94 min read
bottom of page
