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सावरकर !!
सावरकर - स्वार्थ के लिए इतिहास को विचित्र रूप से परिभाषित किया जा रहा है। सेक्युलरीज्म के नाम पर गाँधी को नायक व सावरकर को खलनायक बताया जा रहा है। ये पुस्तकें इस भ्रम जाल को हटाने के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी। 1- वीर सावरकर। MRP ₹500 2- गाँधी और सावरकर। MRP ₹175 दोनों पुस्तक विशेष छूट के साथ केवल ₹550 ( डाक खर्च सहित।) मंगवाने के लिए +91-88001-17083 पर वट्सएप द्वारा सम्पर्क करें। _____________________ 1- वीर सावरकर। लेखक उदय माहुरकर। भारत विभाजन बीसवीं शताब्दी की विकट म
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Apr 71 min read


हुतात्मा महाशय राजपाल की बलिदान गाथा एवं #रंगीला_रसूल 🙏
हुतात्मा महाशय राजपाल की बलिदान गाथा एवं #रंगीला_रसूल 🙏 6 अप्रैल बलिदान दिवस पर प्रकाशित #डॉ_विवेक_आर्य 🚩सन १९२३ में मुसलमानों की ओर से दो पुस्तकें "#१९वींसदीकामहर्षि" और “#कृष्णतेरीगीताजलानी_पड़ेगी ” प्रकाशित हुई थी। 🚩पहली पुस्तक में आर्यसमाज का संस्थापक #स्वामीदयानंद का सत्यार्थ प्रकाश के १४ सम्मुलास में कुरान की समीक्षा से खीज कर उनके विरुद्ध आपत्तिजनक एवं घिनौना चित्रण प्रकाशित किया था जबकि दूसरी पुस्तक में #श्रीकृष्ण जी महाराज के पवित्र चरित्र पर कीचड़ उछाला गया था।..
kcptokyomarathon20
Apr 65 min read


ओ३म् - #तीन #सीखें
ओ३म् #तीन #सीखें --- बहुत समय पहले की बात है , सुदूर दक्षिण में किसी प्रतापी राजा का राज्य था । राजा के तीन पुत्र थे, एक दिन राजा के मन में आया कि पुत्रों को को कुछ ऐसी शिक्षा दी जाये कि समय आने पर वो राज-काज सम्भाल सकें. इसी विचार के साथ राजा ने सभी पुत्रों को दरबार में बुलाया और बोला "पुत्रों , हमारे राज्य में नाशपाती का कोई वृक्ष नहीं है , मैं चाहता हूँ तुम सब चार-चार महीने के अंतराल पर इस वृक्ष की तलाश में जाओ और पता लगाओ कि वो कैसा होता है ?” राजा की आज्ञा
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Apr 32 min read
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