3.5.2026 - Today's Thought
3.5.2026
ईश्वर दयालु है। ईश्वर के इस दयालुपन गुण को धारण करने वाले कुछ लोग भी दयालु होते हैं। वे सदा दूसरों की सहायता करने को तैयार रहते हैं। "कोई भी योग्य पात्र मिले, चाहे रोगी हो, विकलांग हो, निर्धन हो, कोई पशु पक्षी हो अथवा कोई अचानक आपत्ति में फंस हो गया हो, तो ऐसे लोगों की सहायता करने को वे दयालु लोग सदा तत्पर रहते हैं, और शीघ्र ही उनकी सहायता करते हैं। इससे उन आपत्तिग्रस्त लोगों की समस्याएं दूर हो जाती हैं, तथा उनका पूरा दिन आनंद से बीतता है।"
"और दयालु व्यक्ति को ईश्वर तत्काल आनन्द उत्साह निर्भयता आदि प्रदान करता है। इससे दयालु व्यक्ति भी सुख से अपना जीवन जीता है।"
"इसलिए दयालु ईश्वर के दयालुता गुण को अवश्य ही धारण करना चाहिए, और योग्य पात्रों की सहायता अवश्य करनी चाहिए।"
---- "स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक निदेशक दर्शन योग महाविद्यालय रोजड़ गुजरात।"



Comments