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🚩‼️ओ३म्‼️🚩 | 🕉️🙏नमस्ते जी | दिनांक - २२ अप्रैल २०२६ ईस्वी | दिन - - बुधवार
🌒 तिथि षष्ठी ( २२:४९ तक तत्पश्चात सप्तमी ) 🪐 नक्षत्र - आर्द्रा ( २२:१३ तक तत्पश्चात पुनर्वसु ) पक्ष - - शुक्ल मास - - वैशाख ऋतु - - बसंत सूर्य - - उत्तरायण ) 🌞 सूर्योदय - - प्रातः ५:४९ पर दिल्ली में 🌞 सूर्यास्त - - सायं १८:५१ पर 🌒 चन्द्रोदय -- ९:५९ पर 🌒 चन्द्रास्त - - २४:२५ पर सृष्टि संवत् - - १,९६,०८,५३,१२७ कलयुगाब्द - - ५१२७ विक्रम संवत् - -२०८३ शक संवत् - - १९४८ दयानंदाब्द - २०२ 🍀🍁🍀🍁🍀🍁🍀🍀 🕉️‼️ओ३म्‼️🚩 🔥वैदिक रीति से दाह-संस्कार करें । ==
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Apr 225 min read


#ऋग्वेद और #विज्ञान .....क्या आप एक 'सोए हुए देवता' हैं?
#ऋग्वेद और #विज्ञान .....क्या आप एक 'सोए हुए देवता' हैं? PART - 2 - अमरीश मनीष शुक्ल, प्रयागराज "सोचिए, अगर मैं आपसे कहूँ कि आपके शरीर के भीतर 24 ऐसे 'सीक्रेट बटन' छिपे हैं, जिन्हें दबाते ही आप समय और स्थान (Time and Space) की सीमाओं को लांघ सकते हैं? क्या होगा अगर आपको पता चले कि जिसे आप सदियों से सिर्फ एक 'धार्मिक मंत्र' समझकर रट रहे थे, वह दरअसल ब्रह्मांड का मास्टर-की (Master Key) है? हज़ारों साल पहले, ऋषि विश्वामित्र ने एक ऐसी 'साउंड इंजीनियरिंग' की खोज की थी, जिसने एक साध
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Apr 1818 min read


कैसे एक लचीली 'यूनिफॉर्म' समय के साथ पत्थर की 'लकीर' बन गई।
Written and shared by Mr. Manish Shukla एक राजा थे #विश्वामित्र जो #ऋषि बन गए, और एक सूतपुत्र थे #कर्ण जो दुनिया का सर्वश्रेष्ठ #धनुर्धर बने इन दोनों के बीच खड़ी थी एक बदलती हुई सामाजिक व्यवस्था। क्या वर्ण सच में 'ईश्वर' की देन है, वेद ने जाति बनाई, मनुस्मृति ने जाति बनाई या जाति थी बढ़ती हुई आबादी और प्रशासनिक मजबूरियों का एक 'शॉर्टकट'? आइए, जानते हैं कि कैसे एक लचीली 'यूनिफॉर्म' समय के साथ पत्थर की 'लकीर' बन गई। क्या कोई वर्दी किसी इंसान का चरित्र तय कर सकती है, या उसका चरित्
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Apr 96 min read


#मनुस्मृति और #विज्ञान.... किसान एक 'अन्नदाता' - असल में चलता-फिरता 'वेद
Written and shared by Mr. Manish Shukla. #मनुस्मृति और #विज्ञान.... .क्या आपने कभी सोचा है कि जिसे हम केवल एक 'अन्नदाता' समझते हैं, वह असल में चलता-फिरता 'वेद' है? समाज ने जिसे हल चलाते देखा, दरअसल वह मिट्टी की कोख से जीवन का दर्शन (Philosophy) लिख रहा था। एक किसान सिर्फ बीज नहीं बोता, वह एक साथ चार जन्म जीता है। वह एक ही शरीर में चारों वर्णों के अस्तित्व को समेटे हुए है। यहाँ किसान केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि सृष्टि के संतुलन का एक 'मेटाफिजिकल' (Metaphysical) केंद्र बिंदु
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Apr 94 min read


हुतात्मा महाशय राजपाल की बलिदान गाथा एवं #रंगीला_रसूल 🙏
हुतात्मा महाशय राजपाल की बलिदान गाथा एवं #रंगीला_रसूल 🙏 6 अप्रैल बलिदान दिवस पर प्रकाशित #डॉ_विवेक_आर्य 🚩सन १९२३ में मुसलमानों की ओर से दो पुस्तकें "#१९वींसदीकामहर्षि" और “#कृष्णतेरीगीताजलानी_पड़ेगी ” प्रकाशित हुई थी। 🚩पहली पुस्तक में आर्यसमाज का संस्थापक #स्वामीदयानंद का सत्यार्थ प्रकाश के १४ सम्मुलास में कुरान की समीक्षा से खीज कर उनके विरुद्ध आपत्तिजनक एवं घिनौना चित्रण प्रकाशित किया था जबकि दूसरी पुस्तक में #श्रीकृष्ण जी महाराज के पवित्र चरित्र पर कीचड़ उछाला गया था।..
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Apr 65 min read


#दिए_तले_अँधेरा
#डॉ_विवेक_आर्य एक ईसाई प्रचारक बड़े जोश में #पंजाब के देहात में जाकर प्रचार करने लगा। उसने सोचा की मसीह की शिक्षा को बढ़िया दिखाने के लिए हिन्दुओं के पुराणों की खिल्ली उड़ानी चाहिए जिससे की हिन्दू अपने ही पुराणों से घृणा करने लगे और मसीह की शिक्षा पर विश्वास लाये। मगर उसकी किस्मत ने उसे धोखा दिया और वह एक पेशावरी टोपी पहने #आर्यसमाजी प्रचारक से टकरा गया। पादरी- हिन्दुओं को पुराणों की शिक्षा को छोड़कर ईसा मसीह की शिक्षाओं को अपनाना चाहिए देखो विष्णु, मत्सय, लिंग आदि पुराणों में क्
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Apr 14 min read
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